chia seeds in Hindi / चिया सीड्ज़ को हिंदी में क्या कहते हैं? (2020)

chia seeds in Hindi

चिया चाकलेट, सीड्स व ओट्स को ज्यादा मुनाफा कमाने की दृष्टि से विज्ञापन के जरिये इनके लाभों को बढ़ा चढा कर बताया गया हैं तथा हजारों रू किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है।

चाकलेट जिस जंगली फल से बनाया जाता है वह बहुत ही कडवा होता हैऔर साधारण तोर पर खाया ही नहीं जा सकता पर उसमे शक्कर, चिकनाई और दूध का मिश्रण बना कर खाने योग्य बना कर अति उच्चतम दाम पर रंगीन चमकदार कागज में लपेट कर बेच रहे हैं.

चिया सिड और कुछ नहीं तुलसी के बीज हैं. जो 60–70 रू किलो है. पर पेकेजिंग में 500–1000 रू किलो।

ओट्स जौ के पोहे हैं जो अधिक से अधिक 20/- रू किलो होना चाहिए, पर बिक रहे है 500/- किलो. बेच रहे हैं गंजो को कंघी ।

इसी तरह अलसी . फसल को जानवरों से नुकसान न हो इसलिए इसे खेत के किनारे पर लगाते है. इसका तेल लकड़ी पर किड़ा न लगे इसे उस पर पुताई करते थे, इसे जानवर भी नहीं खाते हैं. विग्यापन की कृपा से 50 रू किलो की 500 रू किलो में बेचा जा रहा है.

इन सब के खाने से कितना फायदा हुआ होगा कोइ नहीं बता पाएगा पर अरबों खरबों का चुना तो जनता को लग ही रहा है।

भारत में, चिया के बीज अक्सर फ्लेक्स बीज (flax seeds) और तुलसी के बीज (सब्जा) से भ्रमित होते हैं। लेकिन चिया बीज भारत से नहीं हैं, और उन्हें विदेश से आयात किया जाता है।

यह पारंपरिक भारतीय खाना पकाने का हिस्सा नहीं है, लेकिन ऐसे कई तरीके हैं जिनमें आप इन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

चिया सीड्स इन हिंदी (what is chia in hindi) चिया (Salvia hispanica) मध्य अमेरिका में पाया जाता है।

कहा जाता है कि यह पौधा मैक्सिको और ग्वाटेमाला में उत्पन्न हुआ था। मैक्सिको का चियापा राज्य का नाम चिया से ही उत्पन हुआ है।

चिया बीज छोटे, भूरे, काले और सफेद रंग के दाने हैं। यह पुदीने के परिवार से संबंधित है, और इसके बीजों में अखरोट का स्वाद होता है।

चिया पानी या अन्य तरल पदार्थ के साथ मिश्रित होने पर, अपने वजन का 27 गुना तक पानी सोख कर जेल बन जाता है। इसे चिया की हाइड्रोफिलिक प्रकृति कहा जाता है।

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chia seeds in Hindi / चिया सीड्ज़ को हिंदी में क्या कहते हैं? (2020)

chia seeds in Hindi
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चिया सीड्स को हिंदी में (सब्जा) बुलाते हैं। चिया सीड्ज़ के बीज के 10 फायदे बताये जा रहे हैं:

  1. सब्जा के बीज में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन A, विटामिन K, कार्बोहायड्रेट, गुणकारी ओमेगा-3 फैटी एसिड व कई मिनरल्स होते हैं. सब्जा बीज की तासीर ठंडी होती है. इसीलिए गर्मियों में बहुत से ड्रिंक, फ़ालूदा बनाने में सब्जा का उपयोग किया जाता है।
  2. सब्जा के बीज बहुत सी दिमागी परेशानियों जैसे टेंशन, डिप्रेशन, दिमागी थकान, माईग्रेन को भी दूर करते हैं. इसके सेवन से मूड अच्छा होता है.
  3. ये बीज प्रोटीन व आयरन से भरपूर होते हैं. इसलिए इन्हें खाने से बाल मजबूत, चमकदार, लम्बे-घने होते हैं और तेजी से बढ़ते हैं.
  4. सब्जा के बीज में कई पाचक एंजाइम (Digestive enzymes) होते हैं जोकि पाचन तन्त्र (Digestive system) को स्वस्थ रखते हैं.
  5. सब्जा बीज Weight loss यानि वजन कम करने में मदद करता है. इन बीजों में फाइबर खूब होते हैं, जिससे काफी देर तक भूख नहीं लगती और हेल्दी तरीके से वजन कंट्रोल होता है.
    इसके लिए हल्के गर्म पानी में सब्जा बीज (Sabja seeds) 15 मिनट भिगो दें. इससे बीज फूलते हैं और पानी में digestive enzymes रिलीज़ करते हैं. अब इसे पी लें. चाहें तो पानी में नीम्बू का रस भी मिला सकते हैं या फिर बीज को ग्रीन टी, सूप, सलाद में डालकर सेवन करें.
  6. सब्जा के बीज (Sabja beej) खाने से शरीर में पाए जाने वाले बहुत से हानिकारक विषैले तत्व (Toxins) बाहर निकल जाते हैं. जिससे शारीरिक क्षमता (Physical capacity) बढ़ती है और कई छोटी-बड़ी तकलीफें दूर हो शरीर स्वस्थ बनता है.
  7. एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद और सब्जा के बीज मिलाकर पीने से किडनी, ब्लैडर, योनि के इन्फेक्शन (Vaginal infection) ठीक हो जाता है.
  8. सब्जा के बीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के गुण होते हैं. इसके सेवन से सर्दी-जुकाम और खांसी, अस्थमा जल्दी ठीक हो जाते हैं. एंटी-ओक्सिडेंट गुणों से भरपूर ये बीज डायबिटीज कण्ट्रोल भी करते हैं.
  9. सोने के पहले एक गिलास दूध में सब्जा के बीज मिलाकर पीने से कब्ज दूर होता है व गैस से छुटकारा मिलता है. सब्जा बीज पेट की जलन और एसिडिटी शांत करते हैं. ये पेट में पाए जाने वाले एसिड के असर को निष्क्रिय करके पेट की आन्तरिक भित्ति (Stomach lining) की सुरक्षा करते हैं.
  10. मित्रों सब्जा के सूखे बीज कूटकर नारियल तेल में मिलाकर स्किन पर लगाने से एक्ज़िमा, सोराइसिस रोग ठीक होते हैं।

सब्जा के बीज का उपयोग, सब्जा का सेवन कैसे करें

  1. सब्जा के बीज के सेवन का सही तरीका यह है कि इन्हें पानी में भिगो दिया जाये. पानी में भिगो देने से सब्जा के बीज के फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं. ठंडे या गर्म पानी में 20-30 मिनट भिगो देने पर ये बीज फूल जाते हैं. ये देखने में जेली जैसे लगने लगते हैं.
  2. हर रोज दो टीस्पून भीगे हुए सब्जा के बीज (Sabja beej) का सेवन बहुत प्रकार से फायदेमंद माना गया है. इन महकदार बीजों का कोई खास स्वाद नहीं होता, इसलिए इन्हें बहुत प्रकार के भोज्य पदार्थ में मिलाकर सेवन किया जा सकता है.
  3. चाहें तो शर्बत, निम्बू पानी, मैंगोशेक, आइसक्रीम-कुल्फी में मिलाकर लें या खाने और सलाद, दही में सब्जा (Sabja seeds) डालकर खाएं.

सब्जा के बीज (chia seeds) के नुकसान –:

छोटे बच्चों और गर्भवती औरतों (Pregnant ladies) को सब्जा के बीज (Sabja beej) का सेवन नहीं करना चाहिए. अगर गर्भवती महिलाएं सब्जा के बीज का सेवन करती हैं तो उनमें एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल काफी गिर जाता है, जोकि नुकसान पहुंचा सकता है.

नोट : हमारे प्रस्तावों एवं सुझाव को अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अवश्य लेवें।

चिया, सब्जा और तुलसी (Basil) बीज में क्या अंतर है?

चिया बीज के बारे में अक्सर एक बहुत बड़ी ग़लतफ़हमी लोगों को हो जाती है।

कुछ लोग सब्जा या तकमरिया को ही चिया बीज समझ लेते हैं जबकि ऐसा नहीं है। सब्जा या तकमरिया तुलसी प्रजाति के पौधे से मिलने वाले बीज हैं । इन्हे तुकमलंगा के नाम से भी जाना जाता है।

सब्जा बीज शरबत , फालूदा शेक , मिल्क शेक आदि में मिलाकर खाये जाते हैं। इनका अपना कोई स्वाद नहीं होता लेकिन शेक आदि को टेक्सचर देते है और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते है।

उत्पत्ति : सब्जा बीज खासतौर पर भारत और भूमध्यसागरीय इलाको में पाया जाता है। इनमे कई औषधीय गुण पाए जाने के अलावा इसे कई पेय पदार्थों को गार्निश करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

वहीँ दूसरी तरफ सब्जा बीज नार्थ और साउथ अमेरिका में ज्यादा पाए जाते हैं और इनका इस्तेमाल सलाद में ज्यादा किया जाता है।

खाने के तरीके : सब्जा को इस्तेमाल करने से पहले इसे कुछ घंटो तक पानी में भिगोकर रखना पड़ता है उसके बाद ही आप इसे शरबत, डेज़र्ट या मिल्कशेक में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

वहीँ चिया बीज को आप सीधे तौर पर सलाद, दही और पुडिंग में छिड़क कर इसका सेवन कर सकते हैं। आप इन्हें भी भिगोकर खा सकते हैं।

रंग : सब्जा बीज जहाँ देखने में काले रंग के होते हैं वहीँ चिया बीज भूरे, सफ़ेद और काले भी हो सकते हैं। दोनों बीज आकार में तो एक जैसी ही होते हैं लेकिन सब्जा बीज भिगोने के बाद जल्दी से पानी सोख लेते हैं और इनका आकार भी भिगोये हुए चिया बीज की तुलना में बड़ा होता है।

फायदे :

सब्जा बीज: सब्ज़ा बीज आपकी धमनियों को साफ़ करते हैं जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है। यह आपके पाचन तंत्र को तो बेहतर बनाते ही हैं साथ ही ये शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखते हैं।

चिया बीज: चिया बीज के सेवन से शरीर में ट्राईग्लेसराइड लेवल कम हो जाता है जो आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। नियमित रूप से इनका सेवन करने से आपके शरीर का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल दोनों नियंत्रित रहते हैं।

वजन कम करने में मददगार: अगर आप सब्जा बीज को खाने के पहले खाते हैं तो इससे आपकी भूख मिट जाती है और आप ज्यादा खाने से बच जाते हैं।

वहीँ चिया बीज को दही या सलाद में मिलाकर खाने से आपका पेट लम्बे समय तक भरा हुआ रहता है और इसमें अधिक मात्रा में फाइबर होने के कारण इससे आपका पाचन तंत्र भी सही रहता है।

निष्कर्ष:

चिया सीड्स (Chia Seeds) का हिंदी में कोई सटीक नाम उपलब्ध नहीं है। इसका उपयोग ज्यादा आज वेट कम करने के लिए किया जाता है।

शायद इसका हिंदी नाम इसलिए भी कहीं उपलब्ध नहीं है क्योंकि इसकी उत्पत्ति इंडिया में नहीं बल्कि मेक्सिको में हुई थी।

इसे एक प्रकार के मेडिसीन के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। वेट लॉस के अलावा इसका लाभ आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों में भी मिल सकता है।

धन्यवाद मित्रों आपके सहयोग के लिए सदा आभारी रहूंगा।

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